हीरे के 4Cs, आसान भाषा में
कैरेट, कलर, क्लैरिटी और कट – हर एक का मतलब क्या है और कहाँ आप बिना कोई फ़र्क़ दिखे पैसे बचा सकते हैं।
हर डायमंड ग्रेडिंग रिपोर्ट किसी हीरे को चार पैमानों से बताती है – 4Cs। ये चारों मिलकर तय करते हैं कि हीरा कैसा दिखेगा और उसकी कीमत क्या होगी।
कैरेट – वज़न
एक कैरेट 0.2 ग्राम के बराबर होता है। कीमत वज़न से ज़्यादा तेज़ी से बढ़ती है: 1.00 ct का एक हीरा 0.50 ct के दो हीरों से साफ़ तौर पर महँगा होता है। किसी "मैजिक" वज़न से थोड़ा नीचे के हीरे (1.00 ct की जगह 0.90 ct) आकार में लगभग उतने ही बड़े दिखते हैं और अक्सर काफ़ी सस्ते पड़ते हैं।
कलर – हीरा कितना सफ़ेद है
स्केल D (रंगहीन) से Z (हल्का पीला) तक जाता है। D–F रंगहीन होते हैं, G–J लगभग रंगहीन। येलो या रोज़ गोल्ड में जड़ने पर G–I आमतौर पर सफ़ेद ही दिखते हैं; प्लैटिनम या व्हाइट गोल्ड के लिए कई खरीदार E–G चुनते हैं।
क्लैरिटी – अंदरूनी निशान
FL (फ़्लॉलेस) से शुरू होकर IF, VVS1/VVS2, VS1/VS2, SI1/SI2 और फिर I1–I3 तक। VS2 और उससे ऊपर के ग्रेड में अंदरूनी निशान आमतौर पर नंगी आँखों से नहीं दिखते ("आई क्लीन")। कई SI1 हीरे भी आई क्लीन होते हैं – रिपोर्ट की फ़ोटो इसमें मदद करती है।
कट – हीरा कितनी अच्छी तरह तराशा गया है
कट से हीरे की ब्रिलियंस और चमक तय होती है। राउंड हीरों के लिए लैब इसे Excellent (GIA) या Ideal (IGI) से लेकर Poor तक ग्रेड करती हैं। कट वह C है जिसमें हम सबसे कम समझौता करेंगे।
हमारी सलाह
Excellent कट, G–H कलर, VS2–SI1 क्लैरिटी और किसी राउंड नंबर से थोड़ा कम वज़न – इस मेल से आपके बजट में सबसे ज़्यादा ख़ूबसूरती मिलती है।